क्यों आते है खर्राटे और क्या है इसका इलाज

Please log in or register to like posts.
News

क्यों आते है खर्राटे और क्या है इसका इलाज

दिन भर काम के बाद रात को चैन की नींद सोने का मजा ही कुछ और है। ऐसे में आपका साथी जोर-जोर से खर्राटे लेने लगे तो सारा मजा ही किरकिरा हो जाता है। फिर आप समझ नहीं पाते कि खुद सोएं या साथी को उठा दें। खर्राटे लेना साधारण-सी परेशानी है, लेकिन जब यह बीमारी का रूप ले लेती है तो गंभीर समस्या बन जाती है। एक्सपर्ट्स की मदद से खर्राटों पर पूरी जानकारी दे रही हैं

क्या हैं खर्राटे

सोते वक्त सांस के साथ तेज आवाज और वाइब्रेशन आना खर्राटे कहलाता है। कई बार खर्राटे हेल्थ संबंधी परेशानियों की ओर इशारा करते हैं, जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। कई बार खर्राटे हल्की आवाज में आते हैं लेकिन अक्सर ये आवाजें इतनी तेज और कठोर होती हैं कि साथ सोने वाले शख्स की नींद उड़ा देती हैं। खर्राटों का इलाज समय पर न किया जाए तो यह स्लीप एप्निया की वजह बन सकता है।

 

क्यों आते हैं

ज्यादातर लोगों को लगता है कि खर्राटे आने की वजह ज्यादा थकान है इसलिए वे इसे अनदेखा कर देते हैं। इससे समस्या गंभीर हो जाती है। दरअसल, सोते समय सांस में रुकावट खर्राटे आने की मुख्य वजह है। गले के पिछले हिस्से के संकरे हो जाने पर ऑक्सिजन संकरी जगह से होती हुई जाती है, जिससे आसपास के टिशू वाइब्रेट होते हैं। इसी से खर्राटे आते हैं।
कई बार लोग पीठ के बल सोते हैं, जिससे जीभ पीछे की तरफ हो जाती है। तालू के पीछे यूव्यल (अलिजिह्वा – तालू के पीछे थोड़ा-सा लटका हुआ मांस) पर जाकर लग जाती है, जिससे सांस लेने और छोड़ने में रुकावट आने लग जाती है। इससे सांस के साथ आवाज और वाइब्रेशन होने लगता है।
नीचे वाले जबड़े का छोटा होना भी खर्राटे आने का एक कारण है। जब व्यक्ति का जबड़ा सामान्य से छोटा होता है तो लेटने पर उसकी जीभ पीछे की तरफ हो जाती है और सांस की नली को ब्लॉक कर देती है। ऐसे में सांस लेने और छोड़ने के लिए प्रेशर लगाना पड़ता है, जिस कारण वाइब्रेशन होता है।
नाक की हड्डी टेढ़ी होना और उसमें मांस बढ़ा होना। इसमें भी सांस लेने के लिए प्रेशर लगाना पड़ता है। इस वजह से सांस के साथ आवाज आती है।
वजन बढ़ना भी खर्राटों को जन्म देता है। जब किसी का वजन बढ़ता है, तो उसकी गर्दन पर ज्यादा मांस लटकने लगता है। लेटते समय एक्स्ट्रा मांस के कारण सांस की नली दब जाती है और सांस लेने में दिक्कत होने लगती है।
कई बार सांस लेने वाली नली संकरी और कमजोर होती है, जिस कारण सांस लेते समय आसपास के टिश्यू वाइब्रेट होते हैं और सांस के साथ आवाज आने लगती है।
व्यक्ति की गर्दन अगर ज्यादा छोटी हो तो भी सोते समय सांस के साथ आवाज आती है।

खर्राटे से बचने के उपाय

१ भरपूर पानी पीएं

क्‍या आप जानते हैं कि शरीर में पानी की कमी से भी खर्राटे आते है। जब शरीर में पानी की कमी होती है तो नाक के रास्ते की नमी सूख जाती है। ऐसे में साइनस हवा की गति को श्वास तंत्र में पहुंचने के बीच में सहयोग नहीं कर पाता और सांस लेना कठिन हो जाता है। ऐसे में खर्राटे की प्रवृत्ति बढ़ जाती है। इसलिए सेहतमंद और खर्राटों से दूर रहने के लिए दिनभर भरपूर पानी पीएं.

२ वजन कम करें
अधिकतर मोटे लोग ही खर्राटों की समस्‍या के शिकार होते हैं। गले के आप-पास अधिक वसा युक्त कोशिकाएं जमा होने से गले में सिकुड़न होती है और खर्राटे की ध्वनि निकलती है। तो अगर आप भी खर्राटों से छुटकारा पाना चाहते हैं तो अपना वजन कम करने के उपाय करें।

३ करवट से सोएं
पीठ के बल सोना वैसे तो आदर्श तरीका होता है लेकिन इस मुद्रा में सोने से खर्राटों की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में खर्राटों से बचने के लिए आप अगर करवट के बल सोएंगे तो खर्राटों की आशंका कम होगी।

४ धूम्रपान से बचें
धूम्रपान से खर्राटों की संभावना अधिक होती है। धूम्रपान वायुमार्ग की झिल्‍ली में परेशानी पैदा करता है और इससे नाक और गले में हवा पास होना रूक जाती है। इसलिए अगर आपको खर्राटों की समस्‍या हैं तो धूम्रपान छोड़ दें।

५ सोने का समय
नियमित रूप से एक ही समय पर सोएं। सोते समय अपने शरीर को पूर्ण आराम दें तथा सोते समय ध्यान रखें कि किसी भी अंग पर जोर न पड़ें।

६ एक्‍सरसाइज करें
जिस तरह से बॉडी की एक्‍सरसाइज करने से सारी मांसपेशियां मजबूत होती है। उसी तरह खर्राटों को कम करने के लिए गले की मांसपेशियों की एक्‍सरसाइज होती है।

७ नमक कम खाएं
नमक की अधिकता शरीर में ऐसे तरल पदार्थ का निर्माण करता है जिससे नाके के छिद्र में बाधा उत्‍पन्‍न होती है और खर्राटे आने लगते है। शोधकर्ता प्रोफेसर जिम हॉर्न के अनुसार, डाइट से नमक कम करके गले की भीतरी सूजन को कम करने में मदद मिलती है जिससे खर्राटे को रोकना आसान हो जाता है।

८ भोजन की मात्रा कम लें
रात को सोने से पहले ज्‍यादा भोजन करने से भी खर्राटे की समस्‍या होती है। अगर आप भी इस समस्‍या से परेशान हैं तो सोने से पहले हल्‍का और कम भोजन करें, साथ ही साथ ही अधिक देर तक जागने से भी बचे।

 

 

Reactions

Nobody liked ?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.