कहीं आपका बच्चा तो नहीं खेल रहा “ब्लू व्हेल” जैसा खतरनाक खेल

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बच्चे लगातार ब्लू व्हेल गेम के चंगुल में फंस रहे हैं. भारत में कई बच्चे अपनी जान ब्लू व्हेल गेम के चक्कर में गवा चुके हैं. यह गेम दुनियाभर के कई किशोरों को मौत की नींद सुला चुका है . इस गेम को बनाने वाला 21 साल के सायकोलॉजी स्टूडेंट फिलिप को गिरफ्तार किया जा चुका है. लेकिन यह गेम अभी भी जान ले रहा है. ब्लू व्हेल की सबसे बड़ी खासियत है. यह गेम किसी भी तरह से डाउनलोड नहीं किया जा सकता. गेम को खेलने के लिए आपको कुछ वेबसाइट पर जाना पड़ता है. रूस में यह खेल वी-कॉन्टेक्ट नाम की वेबसाइट पर खेला जा सकता था. जो अब बंद हो चुकी है. अगर आपको शक है आपका बच्चा तो नहीं इस गेम को खेल रहा है.

सबसे पहले उसके हाथ-पैर चेक करिए. इस गेम की चुनौतियां कुछ इस तरह बनाई जाती है. खेलने वाले का आत्मविश्वास हर चैलेंज के बाद कम होता जाता है. इसके साथ ही आप के अंदर खुद को नुकसान पहुंचाने वाली प्रवृत्ति बढ़ जाती है. खेल के चैलेंज कुछ इस तरह से होते हैं. अपने हाथ पर रेजर से कोई नंबर लिखो.

रोज सुबह 4:00 बजे उठकर हॉरर फिल्म देखो. अगर गेम खेलना शुरू करना है तो अपने पैर पर यस लिखो. अपनी छत की मुंडेर सिर्फ पैर बाहर निकाल कर बेठो. अंधेरे में रेलवे लाइन के पास जाओ. कुछ ऐसा करो बीमार पड़ जाओ. किसी दूसरे ब्लू व्हेल से मिलो. एडमिन आपके मौत की तारीख बताएगा. उसके लिए तैयार रही है इसके बाद सीक्रेट टास्क होता है. ब्लू व्हेल के बारे में सुनकर सबसे पहले दिमाग में यह आता है .एक बार खेल कर देते हैं. क्योंकि हम मानसिक तौर पर इतने मजबूत है.इस गेम से निकल जाएंगे. यह गेम इसी फितरत को भड़काता है.इसके बाद परत-दर-परत आप इसके अंदर घुसते जाते हैं. और खुद को नुकसान पहुंचाने वाली सोच को विकसित करते हैं. और अंत में आप इस गेम में फंस जाते होते हैं.

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