भविष्य वाणी

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डॉक्टर पांडेय शहर के सबसे बड़े हार्ट सर्जन थे ,उनका  कोई भी ऑपरेशन कभी भी नाकाम नहीं रहा। शहर मे  डॉक्टर साहब का बड़ा नाम था। लोग देश के कोने कोने से डॉक्टर साहब से इलाज कराने आते थे। बड़ा हॉस्पिटल ,बड़ा घर ,बड़ी गाड़ी नौकर चाकर ,पैसे किसी चीज की डॉक्टर साहब को कमी नहीं थी। भगवान का दिया सब कुछ तो था उनके पास बस एक संतान को छोड़ के। संतान की कमी डॉक्टर साहब को बहुत खलती थी। सब होते हुए भी उनके पास कुछ नहीं था उन्हें हमेसा ऐसा लगता था। सरे मंदिर, मजीद ,गुरुदवरे पे माथा टेक लिया ,लेकिन संतान का सुख  नहीं मिला। आयुर्वेदिक ,एलोपेथिक और होम्योपैथिक दवा भी खा ली लेकिन कुछ फायदा नहीं मिला। शादी को कई साल हो चुके थे ,लेकिन आज भी उनका घर बच्चो की किलकरि से खली था। डॉक्टर साहब को बस इसी बात का दुःख था। कई सालो बाद भगवान की कृपा दृस्टि उनपे हुई। डॉक्टर साहब को शादी के कई सालो बाद एक पुत्र प्राप्त हुआ। डॉक्टर  साहब की मानो वर्षो की तपस्या आज पूरी हो गई हो ,आज वर्षो बाद उनके घर मे भी नन्हे बच्चे की किलकारी गुज रही थी। डॉक्टर साहब ने बच्चे के होने की खुशी मे मंदिर मे  हवन करवाये ,भण्डारा और लंगर भी चलवाये। घर पे एक आलीशान पार्टी भी दी। दोनों हाथो से खुल के खर्चा किया। आखिर कमी किस चीज की थी ,जिस चीज की कमी थी वो उन्हें बरसो बाद मिल गई थी। लड़का अब बड़ा होने लग गया था ,और डॉक्टर साहब का ज्यादा ध्यान बस अपने बच्चे पर ही रहता था। एक बार उस शहर मे एक बहुत बड़े ज्योतिषी आये। जो कुण्डली देख कर एकदम सही भविष्य वाणी करते थे। जब ये बात डॉक्टर साहब को पता चली। तो वे अपने लड़के का भविष्य जानने  की इक्छा से ज्योतिषी के पास गए। ज्योतिषी ने कुंडली देखो और बोला -आप के बेटे का भविष्य बहुत उत्तम है,ये नाम खूब रोसन  करे गा। लेकिन एक समस्या है। क्या समस्या है गुरु जी -डॉक्टर साहब ने घबराते हुए पूछा -ज्योतिषी ने कहा आप के लड़के की मृत्यु आप के हाथो से लिखी है। ये सुनते ही डॉक्टर साहब के आखो के आगे अधेरा छागया ,हाथ पैर सुन पद गए। कोटो तो खून नहीं जैसी हालत हो गई। डॉक्टर साहब कुछ सभलते हुए ज्योतिषी से कहा। गुरु जी आप ये कैसी बात कर रहे है। जिसे पाने के लिए हम ने बरसो तपस्या की हो। अरे उसे मैं कैसे मर सकता हूँ। जिसे मैं अपनी आँखों से एक पल के लिए भी ओझल नहीं होने देता उसे मैं कैसे मर सकता हूँ ,आप ही बताये। देखिये सायद आप से कुंडली देखने मैं कोई गलती हुई हो। ज्योतिषी ने कहा -देखिये डॉक्टर साहब मै तो बस कुंडली देख सकता हूँ। भविष्य को लिखना और बदलना तो सब उस ऊपर वाले के हाथ मे है। आप उसपे भरोसा रखिये सब टिक हो जाये गा। डॉक्टर साहब वहाँ से तो चले गए लेकिन उनके दिमाग मे ज्योतिषी की बात हमेसा घूमती रहती। वो बार बार अपने बेटे को देखते और सोचते क्या मे इसे मार सकता हु। डॉक्टर साहब की जिंदगी इसी अधेड़ बुन मे  काटने लगी। डॉक्टर साहब को इस तरह से परेशान देख उनके दोस्तों ने कहा -भाई वो सिर्फ एक ज्योतिषी है ,कोई भगवान नहीं ,की जो वो बोले वो ही हो। आदमी अपनी किस्मत खुद बनता है और किस्मात की लकीर तो बदलती रहती है। तू भी किसकी बात ले कर बैठा है। ये २१वी सदी है  भाई। तू भी ऐसे लगो की बात को सुनता है। तू एक डॉक्टर है ,तू भी इस तरह की बातो को सच मानने लगे गा ,तो आम लोगो  क्या सोचेंगे. तू इस तरह सोच -सोच कर अपनी तबियत जरूर खराब लेगा। तब तेरे परिवार का क्या होगा ये  सोचा है कभी। डॉक्टर को अपने दोस्त की बात टिक लगी अब वो ये सब भूल कर अपने काम पर ध्यान देने लगे। समय बीतता गया लड़का भी बड़ा होने लगा। एक दिन लड़के के सिने मे  बहुत दर्द हुआ। जब डॉक्टर साहब को पता चला तो वे उसे तुरंत अपने हॉस्पिटल ले गए और उसके हार्ट का सारा चेकअप करवाया। रिपोर्ट से पता चला की उसके दिल मे एक छेद है ,जिसका ऑपरेशन कारन होगा। डॉक्टर साहब ने डॉक्टर की टीम के साथ उसकी रिपोर्ट डिस्कस की। अचानक डॉक्टर साहब को उस ज्योतिषी की बात याद आ गई। की उनके लड़के  मौत  लिखी है।  डॉक्टर साहब ने ऑपरेशन करने से मना कर दिया। और दूसरे डॉक्टर से बात करने लग गए। जब ये बात उनके लड़के को पता चली ,की  उनके पापा खुद उनका ऑपरेशन न कर के किसी और से करा रहे है ,तब वो बहुत नाराज हुआ और डॉक्टर साहब से कहा -मेरे पापा इस शहर के सबसे बड़े हार्ट सर्जन है ,लोग देश के कोने कोने से अपना ऑपरेशन  कराने उनके पास  आते है ,लेकिन वो खुद अपने लड़के का ऑपरेशन नहीं कर रहे।  क्यों  पिता जी। आप की फ़ीस इतनी जादि  है क्या। की आप मेरा ऑपरेशन किसी और से करा  रहे है।  ऑपरेशन आप करेंगे ,नहीं तो मैं ऑपरेशन नहीं कराऊंगा। डॉक्टर साहब ने उसे बहुत समझाया लेकिन वो नहीं माना। आखिर मे डॉक्टर साहब हार के उसका ऑपरेशन करने को तैयार हो गए। लड़के को ऑपरेशन के लिए तैयार किया गया। डॉक्टर साहब पहले से ऑपरेशन थिरेटर में थे ,वो  जरुरी सामान  चेक  कर थे। आज ऐसा लग रहा था डॉक्टर साहब का पेहला ऑपरेशन है ,उनके हाथ कप रहे थे ,बार बार सारा सामान चेक कर रहे थे। लड़का ऑपरेशन थिरेटर मे आजाता है ,लेकिन डॉक्टर साहब के दिमाग मे अभी भी उस ज्योतिषी की बात घूम रही थी। उन्होंने दूसरे डॉक्टर को भी कॉल कर लिया था। ऑपरेशन शुरू हो चूका  था। उसके हार्ट मे कट लग चूका था। तभी  डॉक्टर साहब गये ,अरे इतना ब्लड  क्यों आरहा है ,दूसरे डॉक्टर को कॉल करो। डॉक्टर साहब दूसरे डॉक्टर को कॉल करने लगे और उन्हें जल्दी आने को बोलने लगे। उनके हाथ पैर फूलने लगे। उन्हें बस उस ज्योतिषी की बात याद आरही थी। शहर का सबसे बड़ा डॉक्टर आज अपने बच्चे का ऑपरेशन नहीं कर पा रहा था। दूसरे डॉक्टर आये और लड़के को चैक किया और बोले ,सॉरी डॉक्टर अब ये नहीं रहा। हार्ट को खोले बहुत टाइम हो गया था. जिसकी वजह से खून ज्यादा बह गया ,इस वजह से हम इसे बचा नहीं पाये। आखिर आप को क्या हो गया है गया है डॉक्टर ,आप ये छोटा सा ऑपरेशन को नहीं कर पाए। डॉक्टर साहब के पास कोई जवाब नहीं था ,वो तो बूथ बने सब सुन रहे थे। 

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